Amazing Facts About Jagannath Temple – जगन्नाथ मंदिर से जुड़े अनसुलझे रहस्य

Published by Parmeshwar thawait on

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Jagannath temple की विशेषता क्या है?

Jagannath temple , लकड़ी की मूर्तियों वाला ये देश का अनोखा मंदिर है. जगन्नाथ मंदिर की ऐसी तमाम विशेषताएं हैं, साथ ही मंदिर से जुड़ी ऐसी कई कहानियां हैं जो सदियों से रहस्य बनी हुई हैं

चारों धाम में से एक धाम “Jagannath temple” एक बहुत ही खूबसूरत गुंबद है । लोग पूरी जाकर समुन्द्र के लहरों के साथ साथ Jagannath temple का भी आनंद लेना काफी पसंद करते है ।

Jagannath temple से जुड़ी ऐसे कई रहस्य है जिसके बारे में हम आपको आगे बताएंगे । आपकी जानकारी के लिए बता दे , ऐसा कहा जाता है कि श्री कृष्ण जी द्वापर युग के बाद , जग्गांथ के रूप में पूरी में रहने लगे है ।

 jagannath temple

jagannath temple via – twitter

 

पूरी में भगवान अपने बड़े भ्राता बलराम और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान करते हैं । जितना रोमांचक और मजेदार इस मंदिर का नज़ारा और सुंदरता है उतना ही आश्चर्यजनक इस मंदिर की कुछ खास विसेस्ताए भी है , जो इस मंदिर को सबसे अलग बनाती है ।

मंदिर की स्थापना कैसे हुई ?

मंदिर का जगमोहन और विमान भाग ,शासन काल 1078-1148 के दौरान बना थे। उसके बाद Orissa राज्य के शासक अनंग भीम के द्वारा सन 1197 में इस मंदिर को वर्तमान रुप दिया गया था । मंदिर के निर्माण के बाद सन 1558 तक पूजा अर्चना होती रही, और इसी वर्ष अफगान जनरल काला पहाड़ ने Orissa पर हमला किया और मूर्तियां तथा मंदिर के ऊपर हमले के बाद पूजा बंद करा दी गई थी। विग्रहों को चिलिका झील में स्थित एक द्वीप में गुप्‍त रूप से रखा गया।

इसके बाद रामचंद्र देब के खुर्दा में स्वतंत्र राज्य स्थापित किया और उनके स्वतंत्र राज्य स्थापित करने के बाद मंदिर और इसकी मूर्तियों की पुन:स्‍थापना हुई। मंदिर 400,000 वर्ग फुट में फैला है और चार दीवारी से घिरा हुआ है।

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जगन्नाथ मंदिर से जुड़े रहस्य जो देते है विज्ञान को चुनौती –

1. हमेशा हवा के विपरित दिशा में लहराता है Jagannath temple ka ध्वज-

jagannath temple

दोस्तों इस बात से तो आप जरुर वाकिफ होंगे कि , चाहे जो भी वस्तु हो वह हमेशा हवा के साथ साथ, बिल्कुल जिस दिशा में हवा का रुख चलेगा उसी दिशा में ही उड़ेगा , चाहे वह कोई प्लास्टिक, कार्टून या फिर आपके सर के बाल ही क्यों न हो । लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरी के जगन्नाथ मंदिर का ध्वज हवा के रुख से बिल्कुल विपरित दिशा में लहराता है , अर्थात जिस दिशा में हवा बहता है उस दिशा में नहीं बल्कि उसके उल्टा दिशा में झंडा लहराता है ।

2. लहरों की आवाज़ नहीं देती सुनाई –

यह बात सुनकर आपको आश्चर्य होगी की , जगन्नाथ मंदिर के अंदर समुद्र के लहरों का जरा सा भी आवाज़ सुनाई नहीं देता है जबकि समुद्र मंदिर बहुत करीब है । इसके पीछे का रहस्य आजतक कोई समझ नहीं पाया है , वहीं ये भी काफी अश्चार्यजनक बात है कि , मंदिर से एक कदम बाहर निकालते ही लहरों की आवाज़ एकदम साफ साफ और स्पष्ट सुनाई देती है ।

इसी तरह एक और हैरान कर देने वाला तथ्य यह है कि मंदिर के बाहर ही एक स्वर्ग द्वार है , जहां मोक्ष प्राप्ति के लिए सवो को जलाया जाता है , अब यह तो आम बात है कि सव जलाने पर गंध आसपास के जगहों पर जरूर फैलेगी , लेकिन जब आप जगन्नाथ मंदिर के अंदर होंगे तब आप जलने की गंध जरा भी महसूस नहीं कर सकते वहीं मंदिर से बाहर निकलते ही आप गंध महसूस करने लगेंगे ।

3. नहीं बनती Jagannath temple की परछाई –

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jagannath temple via – social media

दोस्तों विज्ञान के इस बात से आप जरूर वाकिफ होंगे कि , हर एक वस्तु की परछाई जरूर बनती है , चाहे वह आकर में छोटी बड़े या बड़ी लेकिन बनेगी जरूर , लेकिन जगन्नाथ मंदिर का गुंबद दुनिया का एक इकलौता ऐसा इमारत है जिसकी कभी भी कोई भी परछाई नहीं बनती है , यह मंदिर 4 लाख वर्गफुट क्षेत्र में फैला है और इसकी ऊंचाई लगभग 214 फुट है। दरअसल इस इमारत को इस तरीके से बनाया गया है कि , इसका परछाई इस इमारत के ऊपर ही रहे और नीचे दिखाई न दे , इसीलिए नीचे से किसी को कोई भी परछाई दिखाई नहीं देती ।

4. Jagannath temple ka सुदर्शन चक्र

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jagannath temple via – social media

जगन्नाथ मंदिर के सिर्ष पर लगे सुदर्शन चक्र, किसी अनोखे चमत्कार से कम नहीं है। मंदिर के सिर्श पर लगे इस सुदर्शन चक्र को आप किसी भी एंगल से, किसी भी दिशा से देखोगे तो वह आपको बिल्कुल , आपके सीधा,सामने ही लगा हुआ दिखाई पड़ेगा । आपको बता दे इस सुदर्शन चक्र का निर्माण अष्टधातु से किया गया है , जिसे काफी पवित्र माना जाता है ।

5.Jagannath temple के ऊपर से नहीं उड़ते पंछी

दोस्तों अक्सर आपने एक बात पे गौर किया होगा कि किसी भी ऐतिहासिक जगह या फिर पुराने मंदिरों के आसपास या मंदिर के ऊपर काफी सारे पंछी मंडराते रहते है और बैठते भी है , जगन्नाथ मंदिर एक ऐसा इमारत है जिसके ऊपर कभी कोई पक्छि नहीं उड़ते ना ही इस मंदिर के शिखर पर कभी कोई पक्छी बैठते है । यही नहीं एक रहस्य यह भी है कि इस मंदिर के ऊपर कभी हवाई जहाज भी नहीं उड़ते है।

6.Jagannath temple me प्रसाद बनाने की अनोखी प्रतिक्रिया

इस मंदिर में भ्रमण करने वाले भक्तों के लिए प्रसाद बनाने की भी एक बहुत ही अनोखी और दिलचस्प प्रतिक्रिया है , जगन्नाथ मंदिर में भक्तों के प्रसाद को तयार करने के लिए सात बर्तन को एक दूसरे के ऊपर बराबर रखे जाते है , लेकिन इसमें अनोखी बात यह है कि जो बर्तन सबसे ऊपर होता है उसी बर्तन में प्रसाद सबसे पहले पकता है ।

उसके बाद नीचे वाले बर्तन एक के बाद पकते जाते है इसी क्रम में सभी भक्तो के लिए प्रसाद तयार होता है । एक और दिलचस्प बात इस मंदिर के बारे में यह है कि , यहां रोज़ इतने ज्यादा मात्रा में प्रसाद बनता है , हजारों लाखों के तादाद में भी लोग आए तो भी सभी भक्तो को बराबर प्रसाद मिल ही जाता है कभी प्रसाद की कमी नहीं होती ।

उम्मीद करता हूं दोस्तो आपको जगन्नाथ मंदिर का ये दिलचस्प पसंद आया होगा , अच्छा लगा हो तो शेयर करे अपने दोस्त, यार , परिवार के साथ । धन्यवाद् ।


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